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| Important Information about Sikh Religion |
प्रश्न : सिखों के दस गुरुओं के नाम क्या हैं ?
उत्तर :
1. श्री गुरु नानक देव जी
2. श्री गुरु अंगद देव जी
3. श्री गुरु अमरदास जी
4. श्री गुरु रामदास जी
5. श्री गुरु अर्जुन देव जी
6. श्री गुरु हरगोबिंद साहिब जी
7. श्री गुरु हरि राय जी
8. श्री गुरु हरि कृष्ण जी
9. श्री गुरु तेग बहादुर जी
10. श्री गुरु गोबिंद सिंह जी
प्रश्न : अब सिखों के मौजूदा गुरु कौन है ?
उत्तर : श्री गुरु ग्रन्थ साहिब जी
प्रश्न : श्री गुरु गोबिंद सिंह जी के कितने बेटे है ?
उत्तर : श्री गुरु गोबिंद सिंह जी के ४ पुत्र है।
प्रश्न : चार साहिबज़ादों के नाम ?
उत्तर :
1. साहिबज़ादा अजीत सिंह जी
2. साहिबज़ादा जुझार सिंह जी
3. साहिबज़ादा ज़ोरावर सिंह जी
4. साहिबज़ादा फ़तेह सिंह जी
प्रश्न : चारों साहबजादे शहीद कैसे हुए ?
उत्तर : बड़े साहिबजादे बाबा अजीत सिंह जी और बाबा जुझार सिंह जी चमकौर की गढ़ी में लड़ते हुए शहीद हो गए।
छोटे साहिबज़ादे बाबा ज़ोरावर सिंह जी और बाबा फ़तेह सिंह जी को सूबा सरहिंद ने जिन्दा नीहों में चिनवा दिया।
प्रश्न : जब चारों साहिबज़ादे शहीद हुए तब उनकी आयु क्या थी ?
उत्तर : शहीदी के वक़्त साहिबज़ादा अजीत सिंह जी की आयु 17 साल की थी और साहिबज़ादा जुझार सिंह जी की आयु 15 वर्ष थी ।
जब छोटे साहिबज़ादों को जिन्दां नीहों में चिनवाया गया तो साहिबज़ादा ज़ोरावर सिंह जी की उम्र 8 वर्ष की थी और साहिबज़ादा फ़तेह सिंह जी की उम्र 6 वर्ष की थी।
प्रश्न : साहिबज़ादा का अर्थ क्या है ?
उत्तर : साहिबज़ादा का अर्थ है राजकुमार (Prince)
प्रश्न : चार साहिबज़ादों के पिता जी का कौन हैं ?
उत्तर : श्री गुरु गोबिंद सिंह जी चारों साहिबज़ादों के पिता जी हैं।
प्रश्न : खालसा पंथ की स्थापना कब और कहाँ हुई?
उत्तर : खालसा पंथ की स्थापना 13 अप्रैल 1699 को तख्त श्री केसगढ़ साहिब (श्री आनंदपुर साहिब) में वैसाखी वाले दिन हुई।
प्रश्न : खालसा पंथ की स्थापना क्यों की गयी ?
या
प्रश्न : खालसा पंथ की स्थापना करने का क्या कारण था ?
उत्तर : खालसा पंन्थ की स्थापना करने के पीछे बहुत से कारण हैं लेकिन उनमें से मुख्य कारण सिखों की अलग पहचान बनाना और बढ़ते हुए ज़ुल्म रोकना है।
प्रश्न : खालसा पंथ की स्थापना कैसे हुई ?
उत्तर : 13 अप्रैल 1699 को श्री आनंदपुर साहिब में श्री गुरु गोबिंद सिंह जी ने बहुत बड़ी सभा का आयोजन किया, जब वहां पर बहुत लोक इकठ्ठा हो गए तो गुरु जी स्टेज पर आये और अपनी तलवार निकल कर कहा के हमारी तलवार खून की प्यासी है, कोई है जो हमें जो अपना सीस भेंट क्र सके।
पहले तो सारी सभा में सन्नाटा शा गया लेकिन बाद में एक एक करके पांच लोग उठे गुरु जी ने उन्हें अमृतपान कराया और फिर उनसे खुद अमृतपान किया और आदेश दिया कि हर सिख लड़का अपने नाम के पीछे सिंह लगाए और सिख लड़कियां अपने नाम के पीछे कौर लगाए।
यहाँ से नाम के पीछे सिंह और कौर लगाने का सिलसिला शुरू हुआ।
प्रश्न : सिखों का जन्म स्थान किसे माना जाता है ?
उत्तर : सिखों का जन्म स्थान श्री आनंदपुर साहिब को माना जाता है क्यूँकि यहाँ पर खालसा पंथ की स्थापना हुई थी जानिके खालसे का जन्म।
प्रश्न : सिखों के धर्म पिता कौन है?
उत्तर : सिखों के धर्म पिता श्री गुरु गोबिंद सिंह जी हैं।
प्रश्न : सिखों के धर्म माता जी कौन हैं ?
उत्तर : सिखों के धर्म माता जी माता साहिब कौर जी हैं।
प्रश्न : सिंह का अर्थ क्या है ?
उत्तर : सिंह का अर्थ शेर है।
प्रश्न : कौर का क्या अर्थ है ?
उत्तर : कौर का अर्थ है शहज़ादी (Queen)
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